झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का राज्यभर में सत्यापन अभियान जारी है। सत्यापन के दौरान अपात्र लाभार्थियों, फर्जी आवेदनों और 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन पूरा होने के बाद करीब एक लाख और लाभुकों के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं।

सरकार ने दिसंबर 2025 में योजना के तहत लाभ राशि बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह कर दी थी। इसके बाद पहली बार लगभग 56.61 लाख लाभार्थियों के खातों में राशि भेजी गई थी। हालांकि, लगातार चल रहे सत्यापन के बाद लाभुकों की संख्या घटकर करीब 51 लाख रह गई है।

किन बिंदुओं पर हो रहा सत्यापन?

लाभुक झारखंड के स्थायी निवासी हैं या नहीं।

महिला की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच है या नहीं।

परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा से अधिक तो नहीं।

राशन कार्ड, आधार और अन्य दस्तावेजों का मिलान।

परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी या आयकरदाता तो नहीं।

एक ही परिवार में एक से अधिक लोगों को योजना का लाभ तो नहीं मिल रहा।

इन मामलों में कट सकता है नाम

सत्यापन में फर्जी दस्तावेज, गलत जानकारी, आयु सीमा पूरी होना या पात्रता की शर्तें पूरी नहीं मिलने पर लाभुकों का नाम योजना से हटाया जाएगा। जिन महिलाओं ने अब तक ई-केवाईसी या आवश्यक सत्यापन पूरा नहीं कराया है, उन्हें भी प्रक्रिया जल्द पूरी करने की सलाह दी गई है।

राज्य सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र महिलाओं तक पहुंचाना ही इस अभियान का उद्देश्य है। सत्यापन पूरा होने के बाद अंतिम लाभुक सूची जारी की जाएगी।