झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महिला आरक्षण और लोकसभा सीट बढ़ाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि परिसीमन से पहले ही 850 सीटों का आंकड़ा तय होना कैसे संभव है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर उठाए सवाल
हेमंत सोरेन ने कहा कि महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना दो अलग-अलग विषय हैं। एक नीतिगत फैसला है, जबकि दूसरा परिसीमन की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने केंद्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब परिसीमन अभी हुआ ही नहीं है, तो सरकार को पहले से कैसे पता कि सीटें बढ़कर 850 होंगी। यह संख्या कम या ज्यादा भी हो सकती है।
अलग-अलग प्रस्ताव लाने की बात
सीएम ने सुझाव दिया कि महिला आरक्षण और सीट बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को अलग-अलग प्रस्ताव के रूप में लाया जाना चाहिए। दोनों को एक साथ जोड़ने से स्पष्टता नहीं रहती और भ्रम पैदा होता है।
ट्रेजरी गड़बड़ी पर सरकार सख्त
राज्य के कई जिलों में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले पर सोरेन ने कहा कि जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। कई मामलों की पहचान कर ली गई है और जांच तेजी से जारी है।
उन्होंने कहा कि सभी विभागों और जिलों में निकासी से जुड़े मामलों की गहन जांच हो रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिहार की राजनीति पर टिप्पणी
बिहार में सत्ता परिवर्तन को लेकर सोरेन ने कहा कि राजनीति में सत्ता संख्या बल पर निर्भर करती है। उन्होंने इसे असामान्य और चौंकाने वाली घटना बताया।
साथ ही बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने सहयोगी दलों के साथ कैसा व्यवहार करती है, यह कई राज्यों में देखा जा चुका है।
बंगाल चुनाव को लेकर रुख साफ
पश्चिम बंगाल चुनाव पर उन्होंने कहा कि उनकी और कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट है। दोनों दलों का उद्देश्य बीजेपी को सत्ता से दूर रखना है, जो चुनाव प्रचार में भी नजर आएगा।