झारखंड को खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर तकनीक, अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Hemant Soren के नेतृत्व में नई दिल्ली में 8 और 9 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026’ के दौरान झारखंड विजन 2050 का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य झारखंड को ‘माइंस नहीं, माइंड्स’ (Minds Over Mines) की अवधारणा पर विकसित कर भविष्य के उद्योगों और तकनीकी निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।
सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार ने वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकें कीं। Google ने झारखंड के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाने की इच्छा जताई। Amazon Web Services (AWS) ने सुरक्षित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई आधारित डेटा इंटीग्रेशन के लिए बिना किसी लागत के प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। वहीं Microsoft और IBM ने राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने और भविष्य के उद्योगों के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में सहयोग का भरोसा दिया।
बैठक में राज्य सरकार ने निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष छह महत्वपूर्ण ड्राफ्ट नीतियां भी प्रस्तुत कीं। इनमें ड्राफ्ट झारखंड एआई नीति 2026, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, टेक्सटाइल नीति, JIADA विनियम और पीपीपी नीति शामिल हैं। प्रस्तावित एआई नीति के तहत मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेट एआई मिशन और झारखंड एआई क्लाउड की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है।
विजन 2050 के तहत रांची के नया सराय क्षेत्र में 100 एकड़ से अधिक विवाद-मुक्त भूमि पर अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही सीएम-डीआईपी (Chief Minister’s Data Intelligence Platform) के माध्यम से डेटा आधारित सुशासन को बढ़ावा देने और कृषि, स्वास्थ्य, कल्याणकारी योजनाओं तथा खनिज संसाधन प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर जोर दिया गया।
राज्य सरकार का कहना है कि दो दिवसीय मंथन के दौरान प्राप्त सुझावों को अंतिम नीतियों में शामिल किया जाएगा। इन पहलों से झारखंड में उच्च मूल्य वाले रोजगार, डिजिटल निवेश और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।